राजा आंद्रे और स्वर्ग की सात सीढियां । A Life changing story in hindi.

राजा आंद्रे और स्वर्ग की सात सीढियां । A Life changing story in hindi.

राजा आंद्रे अपने साम्राज्य को सुदूर तक फैला चुके थे, जितना उन्होंने सोचा नहीं था उससे बड़ा साम्राज्य उनका था, प्रजा खुश थी और राज्य में सालों से कहीं भी विद्रोह नहीं हुआ था और पूर्ण शांति थी।

अब राजा आंद्रे की उम्र साठ साल को छू रही थी, अपने बेटे कार्लोस को उन्होंने युवराज घोषित कर दिया था।

राजा अपने मंत्रियों और धार्मिक गुरुओं से मंत्रणा करते थे कि उन्हें स्वर्ग में जाना है, और स्वर्ग में वो कैसे जा पाएंगे, इसके लिए क्या अनुष्ठान और कुछ किया जा सकता है कि नहीं।

एक रात राजा आंद्रे सो रहे थे की उन्होंने सपने में देखा कि तीन लोग पलंग के पास खड़े हैं और कह रहे हैं राजन उठो हम आपको स्वर्ग का रास्ता बताने आये हैं ! राजा ने उन तीनों को बारी बारी से ऊपर से नीचे तक देखते हैं, वो तीनों दिखने में बिल्कुल देवदूत लग रहे थे।

तीनों ने राजा को उठकर साथ चलने को कहा, राजा आंद्रे खुशी खुशी उन देवदूतों के साथ चल दिये और थोड़ा चलते ही उन्हें सीढियां दिखाई दी।

देवदूतों ने तुरंत राजा आंद्रे से कहा कि वो देखिए राजन सामने स्वर्ग की सीढ़ियां हैं, हम आपके साथ साथ चलें या फिर जायें तो राजा आंद्रे ने कहा कि आप जा सकते हैं अब तो में अकेला ही चल जाऊंगा, आपकि आगे कोई जरूरत नहीं हैं और देवदूत गायब हो गए।

अब राजा आंद्रे ने जैसे ही पहली सीढ़ी पर पैर रखा बाकी छः सीढियां गायब हो गई, राजा आंद्रे चोंक गए और चारों और देखा वो देवदूत जा चुके थे, राजा सोचने लगे कि अब क्या करूँ क्या मुझे वापस लौट जाना चाहिए, क्योंकि आगे की सीढ़ियां दिखाई ही नहीं दे रही थी।

राजा ने बायां पैर सीढ़ी से उतरने के लिए उठाया तो पीछे से आवाज़ आयी राजन क्या कर रहे हो आपको स्वर्ग नहीं जाना क्या?

राजा ने पीछे देखा वो ही तीनों देवदूत पीछे खड़े थे, राजा ने कहां आप इतनी देर कहाँ थे, मुझे आगे सीढियां दिख नहीं रही हैं और आप भी चले गए, तो एक देवदूत ने कहा राजन आपने जाने को कहा इसलिए हम अपना काम करने चले गए थे।

अब आप दूसरी सीढ़ी पर कदम रखें, राजा ने आगे देखा तो आगे सीढियां दिखाई दी, राजा ने दूसरी सीढ़ी पर पैर रखा तो देवदूतों ने फिर पूछा राजन हम यहीं रहे या जाएं तो राजा आंद्रे ने कहा नहीं आप जा सकते हैं मैं अब आगे अकेला चला जाऊंगा।

राजा आंद्रे ने फिर देखा तो आगे की सीढ़ियां गायब थी, अब फिर राजा ने सोचा कि ये क्या जब तक देवदूत यहां थे तब तक सीढियां थी और अब नहीं दिख रही हैं राजा ने फिर सोचा कि पैर पीछे खिंचता हूँ, तो जैसे ही राजा ने अपना दांया पैर पीछे किया तो फिर एक आवाज आई राजन आपको तो स्वर्ग जाना है ना।

राजा ने फिर देखा देवदूत खड़े थे, राजा इस बार फिर घबरा गया और कहा सीढियां फिर गायब हैं कैसे जाऊं, देवदूतों ने कहा आप आगे देखे सीढियां सही सलामत हैं राजा ने आगे देखा तो चोंक गया सीढ़िया दिखाई दी।

रज आंद्रे आगे की सीढ़ी पर चढ़ा,इस बार फिर देवदूतों ने पूछा कि राजन आप आगे बढ़े और स्वर्ग की सीढ़ियां चढ़ते जाएं क्या हम अब जा सकते हैं राजा ने कहा आप लोग जाइए में आगे की सीढिया चढ़ जाऊंगा।

देवदूतों के जाते ही फिर वही हुआ, राजा आगे देखता तो सीढियां नहीं नजर आती, राजा को कदम पीछे खींचने पड़ते पर हमेशा देवदूत आते रहे और राजा स्वर्ग चला गया।

दोस्तों हम में से बहुत सारे लोग राजा आंद्रे हैं जो कि हमेशा एक सीढ़ी चढ़ते हैं और फिर घमण्ड हो जाता है कि मैं सब कुछ हो गया हूँ और अपने mentor और दूसरे सब लोगों को कहते हैं कि आप चले जाओ में आगे सब देख लूंगा पर होता ये है कि आप एक सीढ़ी तो चढ़ जाते हो अपने सहयोगियो और साथियों व उन लोगों की वजह से जो आपके mentor हैं पर आगे चढ़ नहीं पाते और फिर पैर खींचने पड़ते हैं या फिर वहीं पर ही बैठ जाते हो और आगे देख नहीं पाते हो इसलिए आपको हमेशा mentor की जरूरत है यदि आप आगे बढ़ना चाहते हो और नई टॉप पर पहुंचना है तो अपने साथ के लोगों जैसे मित्रों, साथियों, परिवार के लोगों का साथ जरूर रखें।

Five Lessons जो हम इस कहानी से सीख सकते हैै

  1. थोड़ी सी सफलता मिलते ही हवा में नहीं उड़े।
  2. अपने आप पर घमंड ना करे गर्व करें।
  3. सफलता के बोझ तले दबकर, जो आपके शुभचिंतक हैं उनको दुत्कारें नहीं।
  4. आगे बढ़ने के लिए हमेशा एक mentor जरूर बनाएं जो आपके मुश्किल में काम आए।
  5. जो लोग और अपने साथी उस field में successful हैं उनकी मदद लेने से ना घबराएं।

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