डर को खत्म करना सीखें । How to Overcome Fear in Hindi.

How to overcome fear in hindi

हमारा mind हमे किसी खतरे से सचेत करने और किसी भी प्रकार के नुकसान से से बचाने के लिए हमे डर का अहसास कराता है, डर हमे होना चाहिए कि हम अंधेरे में चल रहे हैं तो साँप काट सकता है यदि वहां साँप होने की possibility हो, हमे करंट लग सकता है यदि हम प्लग में अंगुली डालते हैं या फिर नंगी तार को छूते हैं, गाड़ी नहीं चलानी आती है और हम गाड़ी चलाते हैं तो हम किसी को टक्कर मार कर हमारा खुद और सामने वाले दोनों का नुकसान कर सकते हैं ये सब fear सच मे है ना कि हमारे मन के बनाये हुए।

आज हम उस fear की बात करेंगे जो सिर्फ हमारी सोच में है reality में कहीं नहीं और हमारी success के रास्ते में सबसे बड़ा barrier है, 

जो डर काल्पनिक है वो हमारी success को रोक रहे है जबकि जो real में डर है उनको कैसे handle करना है ये हम अच्छे से जानते हैं ये हमे facts के साथ सिखाया गया है।

हमारे बीच ऐसा एक भी person नहीं होगा जिसने भूकम्प के डर से घर ना बनाने के निश्चय किया हो।

जबकि job interview में fail होने के डर से पूरी जिंदगी एक ही बेकार सी job करने वाले बहुत सारे हमारे आसपास मौजूद हैं, बहुत सारे employee अपने बॉस से सैलरी को बढ़ाने या फिर promotion की demand नही करते क्योंकि उनको डर है कि बॉस ने job से निकाल दिया तो उनको को रखेगा।

बहुत सारे लोगों ने एक बार fail होने के बाद दुबारा fail होने के डर से फिर कभी प्रतियोगी परीक्षा नहीं दी और ना ही कभी business किया

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आइये ये समझते हैं कि काल्पनिक डर आये कहाँ से

Fear का बीज हमारे अंदर कुछ कारणों से बचपन मे डाल दिया जाता है हमारे parents के द्वारा जाने या फिर अनजाने में जैसे कि अंधेरे में भूत होता है और बहुत सारे डर हमे दोस्तों और दूसरे लोगों की प्रतिक्रियाओं से आ जाते है जैसे – लोग क्या कहेंगे,असफलता का डर, public speaking.

हमे बचपन में parents और करीब के relatives के द्वारा कह दिया गया हो कि तुम तो बेवकूफ हो तुम कुछ नहीं कर पाओगे, तुम्हारे अंदर योग्यता नहीं है तो हमे लगता कि सच मे मन में स्थायी तौर पर कई लोग जैसे हमारे parents या जिनको हम जानते हैं उन्होंने कहीं कुछ करने के प्रयास तो किये पर आखिर असफल हो गए तो हम सोचते हैं कि वो लोग हमसे होशियार होकर भी नहीं कर पाए तो हम कैसे कर पाएंगे और हम दूसरों की असफलता को देखकर पीछे हट जाते हैं जबकि हमे अभी तक ये पता नहीं है कि उन लोगों ने क्या किया और क्या नहीं उनके failure के कारण हमें नहीं पता हैं।

हम असफलता से क्यों डरते हैं।

आइये अब जानते हैं कि इस भय से छुटकारा कैसे पाएं

1. डर का सामना करें – हर कहीं मोटिवेशनल सेमिनार में या फिर किसी videos में कहा जाता है कि डर का सामना करने से डर भाग जाता है  डर का सामना करने से पहले हम नहीं जान सकते कि भय real में है या हमारे mind में है, परंतु ये ध्यान हमे पहले डर का सामना करने का तरीका पता करना जरूरी है हर जगह ये फार्मूला लागू नहीं हो सकता है कई जगह हम डर का सामना करने के बाद और ज्यादा डर जाते हैं,और दुबारा जिंदगी में कभी सामना नहीं करना चाहते, हम Public Speaking के डर को दूर करने के लियी stage पर जाकर बोलेंगे तो डर चला जायेगा पर हम business में fail होने के डर को खत्म करने के लिए business शुरू कर देंगे वो भी बिना कोई particular knowledge के तो हमारे उसमे fail होने के chance 99% होंगे और हम दुबारा कभी जिंदगी में business करने का सोचेंगे भी नहीं, Business में fail होने का डर खत्म करने के लिए हमे Business का experience पहले हासिल करना और फिर अपना business शुरू करना होता है।

2. अपना सही knowledge बढ़ाये-  IAS का exam कितना मुश्किल है ये हमे IAS के exam को complete कर चुके लोगों से नहीं सुनते but हम उनसे सुनते हैं जो या तो बिना तैयारी के exam में बैठे या फिर वो लोग बताते हैं जिन्होंने किसी से सुन लिया है कि एग्जाम बहुत tuff है, जब किसी भी field के successful लोगों से हम उनकी success story सुनते हैं तो लगता है कि हम बिना सही knowledge के इतना ज्यादा पहले डरे और अपनी life का वो महत्वपूर्ण phase डरकर के waste कर चुके हैं जबकि हम reality पहले पता कर लेते तो अभी तक काफी कुछ प्राप्त कर चुके होते, हमेशा हमे काल्पनिक भय को दूर करने के लिए सही knowledge प्राप्त करना जरूरी होता है आपके पास जितना ज्यादा knowledge और किसी काम से जुड़ी इनफार्मेशन होगी तब हमारे पास  उस मुश्किल phase से निकलने के लिए उतने ही ज्यादा रास्ते होंगे।

3. हर चीज में perfect कोई नहीं होता – हर कार्य या हर चीज में perfection की कोई जरूरत नहीं है आप marketing में expert हैं तो आप business शुरू करने के लिए production में expertise हासिल करें ये जरूरी नहीं है, हर एक company का owner या सीईओ सब कुछ नहीं जानता है वो बस कुछ ही चीजों के बारे में एक्सपर्ट है, हम एक चीज में कमजोर होते हैं तो सोचते हैं कि दुसरी में फैल हो जाऊंगा जबकि ऐसा नहीं होता आप पूरी जिंदगी भी लगा दें,तो भी अपने field के बारे में सब कुछ नहीं जान पाएंगे, एक subject में expertise के साथ अपना future अच्छे से बना सकते हैं, इस बात से डरकर ना बैठे की जो successful हैं वो सब कुछ जानते हैं।

4. Reality पे ध्यान दें imagination पे नहीं – हम जितना किसी के बारे में मुश्किल सोचते हैं वो खाली imagination है, जबकि ज्यादातर cases में जब आप reality को देखते हैं तब आपको लगता है कि कितना आसानी से सब  कुछ हो गया है, imagination में हम हमेशा worst की कल्पना करते हैं और डरते हैं, जबकि उस किसी चीज में जिसमे हम डर रहे हैं उसमें वो worst situation कितने लोगों ने पहले फेस की उनका percentage एक percentage से भी कम है, ज्यादातर लोग किसी काम मे fail होने के बाद दुबारा उसमे तेजी से सफल होते हैं।

5. अपने डर के बारे में लिखें – जब कोई भी काल्पनिक डर जो कि अभी आपके सामने आया नहीं है, उसके बारे में एक कागज या नोटबुक जहां भी आप लिखना चाहे लिखें, आपको पूरी घटना को जिस तरह वो आपके मन मे घट रही है उसी तरह से लिखना है जैसे आपके मन में एक job interview में आपके fail होने का scene चल रहा है तो आप इस बात से नहीं डर रहे हैं कि आप fail होंगे सबसे ज्यादा ये डर है कि वो क्या पूछेंगे वो मुझे नहीं आया तो क्या होगा, हमे interviewer के सवालों से डर लगता है, हमे डर हमेशा किसी result से पहले चलने वाले process से लगता है, हमे exam में question paper देखकर पसीना आता है ना कि result notice को देखकर।

6. सकारात्मकता पर focus करें negativity को छोडें – हमारा mind हमेशा किसी भी तरह जल्दी से जल्दी परिणाम जानना चाहता है ना कि वो कार्य को करने में मजा लेता है, जब हम कार्य को करने का मजा लेते हैं तो हमे नतीजे अपने आप अच्छे नजर आते हैं, क्योंकि नतीजा कभी भी ज्यादा joyful नहीं हो सकता किसी target को achieve करने के रास्ते से, हमे अपने माइंड को हमेशा ये message देना है कि मैं बहुत कुछ achieve करने के रास्ते में हूँ, इस कार्य को करने के बाद मेरा experience नए level पर होगा व मेरा confidence नए level पर jump कर चुका होगा।

7. Deep breathing तुरंत आपको relax करेगा- millionaire हो या billionaire मैडिटेशन के नाम पर यही तो करते हैं आप खड़े हो तो बैठ जाये या फिर लेट जाएं और अपनी breath को slowly -slowly अन्दर लें और slowly – slowly बाहर छोडें, इस breathing के दौरान आप कानों में earplug लगाएंगे तो बहुत अच्छा रहेगा, earplug ना होने पर आप earphone भी लगा सकते हैं, आप अब अपनी breath की in-out movement पर concentrate करें, बस उस breath को feel करें, मात्र पाँच minute के अन्दर आप fearless महसूस करने लग जाएंगे आप present मोमेंट में होंगे, हमी डर present moment में नहीं लगता है future में यानी कुछ minute या सेकंड, साल,महीने में हमे हमारे माइंड की कल्पना के according जिस fearful situation का सामना करना होगा हमे वो सोचकर डर लगता है।

8. आपके काल्पनिक डर के सच होने की संभावना बहुत कम- हवाई जहाज में बैठना आपके लिए डरावना हो सकता है पर हवाई दुर्घटनाओ के मुकाबले सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं में मरने वाले लोगों की संख्या ज्यादा है ये एक fact है, अंधेरे में बैड से उतरकर बाथरूम तक पहुंचने के बीच में आपके सामने भूत आने की probability भी zero है, गर्लफ्रैंड के आपको छोड़ने की भी संभावना बहुत कम है जब तक कि आपमे उसको कुछ खास लगे,आपके पिताजी आपको अपनी property से बेदखल नहीं करने वाले जब तक कि आप नालायक ना हो, जो डर आपको हमेशा सताते है और जो चिंताएं हमारे मन मे चल रही होती हैं उनमे से 99% कभी भी सच नहीं हुई, मुझे एक घटना मेरे खुद से जुड़ी हुई याद है मेरे ऑफिस में बॉस ने एक दिन ऑफिस में आते ही 9 बजे सबसे पहले हमारे दो colleague को एक-एक करके अपने केबिन में बुलाया और Job से terminate कर दिया फिर मुझे बुलाया तो बाकी मेरे साथियों को भी लगा कि मुझे भी terminate करने के लिए बुलाया है पर हुआ एकदम इसका उल्टा मुझे एक मेरे सीनियर की जगह प्रमोट कर दिया, जब में केबिन से निकलकर मेरे साथियों के पास पहुंचा तो सबके चेहरे इस बात के डर से लटके हुए थे कि मेरे बाद उनमें से किसका नंबर है और तीन colleague तो अपने computer शटडाउन भी कर चुके थे, जब मैने उनको बताया कि मुझे promotion मिला है और तुम लोगों में से किसी को भी नहीं बुलाया है तो सबके चेहरे चमकने लगे, मेरे colleague बिना ये जाने की दो लोगों को किस वजह से निकाल दिया गया है सिर्फ अपने termination के बारे में सोच रहे थे ना कि मेरे promotion के बारे में, हालांकि उन दो लोगों को नैतिक नियमों के उल्लंघन की वजह से निकाला गया।

9. जिसका होना या ना होना आपके हाथ मे नहीं उस पर focus ना करें – किसी कार्य का परिणाम क्या होगा ये आप decide ही नहीं कर सकते हैं तो फिर उसके लिए हमारा भयभीत होना हमारे लिए गैरजरूरी है, आपके हाथ मे सिर्फ अपना काम ही है उसका परिणाम क्या होगा ये जब तक दूसरे के हाथ मे है तब तक आपको अपना काम अच्छे से करने की जरूरत है, आप मंच से कुछ बोलने पर audience आपको कितना पसंद करती है ये सब ऑडियंस पर निर्भर करता है, आप exam की तैयारी अच्छे से कर सकते हैं परन्तु exam में कॉम्पिटिशन कितना होगा ये आप decide नहीं कर सकते है इसलिए कॉम्पिटिशन कितना tuff है इसकी चिंता में हम लोग exam की अच्छे से तैयारी ही नहीं करते और फिर कहते हैं कि selection बहुत मुश्किल है luck काम नहीं करता है।

10. मनोचिकित्सक की मदद लें- काल्पनिक डर कुछ समय बाद हमारे behaviour में झलकने लग जाता, हर समय हमारी धड़कन बढ़ी हुई रहती है, हम हर व्यक्ति के बारे में मन मे कई type के belief बना लेते हैं और हर समय हमारा mind अपने आपको अनचाही situation से बचाने में लगा रहता है, हमे social gathering में नहीं जाने देता, हमे लोगों से मिलने में डर लगने लगता है, किसी भी इवेंट में हारने के डर हमारे उत्साह को ख़त्म कर देता है, हम कई तरह के मानसिक विकारों से ग्रसित हो सकते हैं इसकी possibility है कई प्रकार के फोबिया एक साथ हमारे माइंडसेट को अलग direction में ले जाते हैं जिसका हमारी सोच पर लंबे समय तक impact होता है, हमे इन सबसे free होना जरूरी है मनोचिकित्सक की help आप जरूर लें।

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