फालतू विचारों से मुक्ति पाएं। How to Overcome Negative Thoughts in Hindi

How to Overcome negative thoughts in Hindi

हमारा mind तरह – तरह के thoughts लगातार produce करता रहता है और लगातार past और future में हमे लेकर घूमता रहता है जबकि present moment में बहुत ही कम रहता है या बिल्कुल भी present में नहीं रहता, future में जो कुछ भी अच्छा होगा उसकी कल्पना में हमारा mind हमे reality से अलग बहुत कुछ अच्छा होते हुए दिखाता है जबकि reality तो तभी हमारे सामने होगी जब वो moment हमारे सामने बीत रहा होगा। जब वो moment हमारे सामने आता है तब हमें हमारी पहले की कल्पना के अनुसार घटना का अच्छे से घटित नहीं होना हमे बहुत ज्यादा negativity से भर देता है या फिर कभी – कभी short time के लिए depression जैसा भी feel करवा देता है जब कभी ये moment हमारी कल्पना से बेहतर घटित होता तो हमे overconfident या overexcited बना देता है और हम बिना reality को check किये next step बहुत बार गलत उठा लेते हैं या फिर कोई बड़ा गलत decision ले लेते हैं जो कि future में हमारे लिए बड़ी परेशानी लेकर आता है example के तौर पर हम Historically रामायण में देख सकते हैं जब एक युद्ध मे विजयी होने पर महाराज दशरथ ने over excitement में अपनी पत्नी कैकई को वचन दे दिया था जो कि भविष्य में उनके सुपुत्र राम के लिए वनवास और खुद के लिए मर्त्यु का कारण बना।

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 जब हम reality के base पर thoughts को देखते हैं तो हमे चिन्ता व निराशा हमारे जीवन में नजर नह आ सकती।कोहोगा जिसthought को सिर्फ एक thought की तरह हम देख सकें ना कि negative या फिर positive thought अन्यथा हम फुटबॉल की तरह कभी तो इधर और कभी उधर होते रहेंगे control हमारे हाथ मे ना होकर किसी और के हाथ मे होगा जबकि नुकसान हमारा होगा।

हमे हमारे thoughts को हमेशा उसके root से पकड़ना होगा, जब हम किसी thought की उसके root से पकड़ लेंगे तो फिर वो thought भले ही negative हो या झूठी खुशी देने वाली कल्पना जिसका कोई सिर व पैर नहीं है तब हम negativity से बच पाएंगे और किसी भी thought को expand होने से रोक सकेंगे। एक thought कैसे expand होता है ये एक example से हम समझ सकते हैं जैसे एक negative thought ये आया कि मैं गाड़ी से जा रहा हूँ और रास्ते में Accident हो गया और में मर गया हूँ और मेरे परिजन रो रहे हैं हमारे mind में ये एक imagination चल रहा है क्योंकि हमारा mind images में सोचता है, जबकि reality में हम अभी तक हम गाड़ी में बैठे ही नहीं है जब हम गाड़ी में बैठ जाएंगे और चलने लगेंगे तब ये thought अपने आप हमारे mind से गायब क्योंकि road पर हमारा mind उस accident वाले विचार को छोड़कर दूसरे thoughts में busy हो चुका है जैसे कि आगे वाले को overtake करने, road कितना अच्छा है, गाने सुनने में।

दूसरे thoughts में mind के busy होने का reason ये है कि हमारा accident वाला thought सिर्फ imagination था ना कि reality इसलिए mind ने उसको छोड़ दिया, इस thought को हमारे mind में आते ही हम हमारी understanding से वहीं खत्म कर सकते थे जैसे ही accident वाला thought आया हम अपने mind से कहते यार अभी तो में गाड़ी में बैठा ही नहीं हूँ और तू accident तक पहुंच गया और वैसे भी मेरा term insurance है 1.5 करोड़ का, ये कहते ही आपका mind एक दम से चुप।

हमारी understanding ही हमे negative thoughts और फालतू imagination से बचा सकती है, हर जगह हम जो सामने हो रहा है उसको देख लेते हैं तो किसी प्रकार के thoughts हमे परेशान नहीं कर सकते और ज्यादातर समय हम present moment से बाहर ही नहीं जाएंगे।

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