प्लेटो के महान विचार हिंदी में।

महान दार्शनिक सुकरात के शिष्य और अरस्तु के गुरु प्लेटो का जन्म 428/427 या 424/423 ( जन्म वर्ष के बारे में मतभेद है।) ईशा पूर्व में प्राचीन यूनान और आधुनिक ग्रीस के शहर एथेन्स के एक प्रभावशाली परिवार में हुआ था।

प्लेटो के पिता का नाम अरिस्टन था जो कि राजा कोडरस (यूनान के एक प्रसिद्ध राजा) के वंशज थे और माता का नाम पेरिकेशन था जो कि एक राजनेता, कानूनविद और गीतकार सोलन के परिवार से ताल्लुक रखती थी।

प्लेटो अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद बीस साल की आयु में महान दार्शनिक सुकरात की शिक्षाओं से प्रभावित होकर उनके शिष्य बन गए,

जब सुकरात को सजा में जहर पीना पड़ा और उनकी मौत हो गई तो, प्लेटो एथेंस शहर को छोड़कर यात्रा पर निकल गया, उसने इजिप्ट, इटली के साथ अन्य कई राज्यों की बीस साल तक यात्रा करने के बाद वापिस एथेंस में आकर Academy नाम से अपने प्रसिद्ध स्कूल की स्थापना की और अध्यापन किया, अरस्तु ने इस स्कूल में बीस वर्ष तक शिक्षा ग्रहण की थी।

प्लेटो की मोत अस्सी वर्ष की उम्र में 347-348 ईशा पूर्व में हो गई। हालांकि प्लेटो की जन्म और मौत के वर्ष के बारे में अलग अलग अनुमान है।

प्लेटो ने अपने जीवनकाल मे बहुत सारी पुस्तकें लिखी जो है – Republic , Apalogy, Crito, Euthypro, Meno, Parmenides, Phaedo, Symposium, Timaeus.

“सफल लोग कभी इस बात की चिंता नहीं करते कि दूसरे क्या कर रहे हैं।”

“जो लोग चतुर हैं कि वे राजनीति में शामिल नहीं होते हैं, इसका परिणाम यह होता है कि वे अपने से अधिक मूर्ख लोगों द्वारा शासित होते हैं।”

“महान लोगों को जिम्मेदारी से कार्य करने के लिए कहने के लिए कानूनों की आवश्यकता नहीं होती है, जबकि बुरे लोग हमेशा कानूनों को दरकिनार करने के तरीके खोजते हैं।”

“मुझे सफलता का कोई निश्चित तरीका नहीं पता, असफलता सुनिश्चित करने का सिर्फ एक ही तरीका है – सभी को खुश करने की कोशिश करना।”

“लोग अपने दुर्भाग्य के लिए भाग्य, ईश्वर और माता पिता को दोष देते हैं, लेकिन खुद को नहीं।”

“न्याय तभी कायम होगा जब अन्याय से प्रभावित न होने वाले उतने ही क्रोधित होंगे जितना कि एक अन्याय से पीड़ित ।”

“यदि दो लड़कों में से प्रत्येक के पास एक सेब है और वे इन सेबों की अदला-बदली करते हैं, तो अंत में केवल प्रत्येक के पास एक सेब होता है। लेकिन अगर दो लोगों में से प्रत्येक के पास एक विचार है और उनका आदान-प्रदान होता है, तो प्रत्येक के पास अंत में दो नए विचार होते हैं।”

“कोई भी आदमी शायर होता है जब वह प्यार करता है।”

“बुद्धिमान लोग बात करते हैं क्योंकि उनके पास कहने के लिए कुछ होता है; और मूर्ख भी कहते हैं, क्योंकि वे कुछ कहना चाहते हैं।”

अंधेरे से डरने वाले बच्चे को हम आसानी से माफ कर सकते हैं; जीवन में दुःख तब होता है जब लोग रोशनी से डरते हैं।”

“एक आदमी को एक घंटे के लिए खेलते हुए देखें और आप उससे एक साल तक बात करने से ज्यादा उसके बारे में जान सकते हैं।”

“आवश्यकता सभी आविष्कारों की जननी है।”

“यदि प्रश्न सही ढंग से पूछा जाए तो आप किसी भी प्रश्न का उत्तर दे सकते हैं।”

“जिसने कभी वफादारी की शपथ नहीं ली, वह कभी वफादारी की शपथ नहीं तोड़ेगा।”

“बेईमान वक्ता हमेशा बुरे को अच्छाई के साथ पेश करते हैं। “

“एक बुद्धिमान व्यक्ति हमेशा उसके साथ रहना चाहता है जो उससे बेहतर है।” 

“सही प्रश्न आमतौर पर सही उत्तर से अधिक महत्वपूर्ण होता है।”

“वह जो सीखता है और अभ्यास नहीं करता है वह उस व्यक्ति के समान है जो खेत में हल चलाता है पर बीज नहीं डालता है।”

“कभी भी किसी ऐसे व्यक्ति को हतोत्साहित न करें जो लगातार प्रगति कर रहा हो, चाहे वह कितना भी धीमा क्यों न हो।”

“सुंदरता देखने वाले की आंखों में होती है।”

“अन्याय के अलावा सबसे बड़ी बुराई यह होगी कि अन्याय करने वाला अपनी गलती के लिए दंड का भुगतान नहीं करता है।”

“सौ आदमियों में एक वीर होता है, एक हज़ार आदमियों में एक बुद्धिमान आदमी होता है, लेकिन एक लाख आदमियों में भी आपको एक संत आदमी नहीं मिलेगा।”

“सबसे बड़ी जीत खुद पर जीत है।”

“सभी बुराइयों में सबसे बुरी बात यह है कि सत्ता उन्हीं के कब्जे में है जो ये सब बुराइयां चाहते हैं।”

“आत्मा की आंखें तब तक तेज नहीं होतीं, जब तक शरीर की आंखें बंद होने न लगें।”

“जीवन को एक खेल की तरह जीना है।”

“सुनना सीखें और बकवास करने वालों से भी आपको फायदा होगा।”

“राज्य तभी फलते-फूलते हैं जब या तो दार्शनिक शासन करते हैं या शासक दार्शनिक होते हैं।”

“शिक्षा से ही व्यक्ति सही मायने में इंसान बनता है।”

“अन्याय का उच्चतम स्तर वह है जब आप न्याय का ढोंग करते हैं।”

“नींद एक छोटी मौत है, मौत एक लंबी नींद है।”

“जो कुछ भी गलत नहीं करता वह सम्मान का हकदार है, लेकिन उससे अधिक दोगुना सम्मान पाने का हकदार वो है जो गलत करने वालों को इसकी अनुमति नहीं देता है।”

“जब आप जल्दी में होते हैं तो आप सोच नहीं सकते।”

“गरीबी दौलत के घटने से नहीं, बल्कि विलासिताओं के बढ़ने से आती है।”

“यदि महिलाओं से पुरुषों के समान कार्य करने की अपेक्षा की जाती है, तो हमें उन्हें वही बातें सिखानी चाहिए।”

“जब भीड़ कानून हाथ मे लेती है, तो वह अत्याचारियों से भी अधिक क्रूर होती है।”

“ईमानदारी आमतौर पर झूठ की तुलना में कम लाभ देती है।”

“यदि आप खोज करेंगे, तो आप पाएंगे।”

“गुण एक ही प्रकार के होते हैं, और बुराई अनेक प्रकार की हो सकती है।”

“अधिकार की असली उत्पत्ति कर्तव्य के साथ होती है।”

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