रुडोल्फ स्टीफन जान विगल की जीवनी। Rudolf Stefan Jan Weigl Biography in Hindi.

रुडोल्फ स्टीफन जान विगल ने टायफस के टीके का आविष्कार किया था, जिसने लाखों लोगों की जान बचाई, टायफस बीमारी जुओं से फैलती है, जुओं से फैलने वाले इस रोग की वजह से पहले युद्धों के दौरान लाखों सैनिक मारे जाते थे।

इन्हे कई बार नोबेल पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया पर पुरस्कारों पर होने वाली राजनीति के कारण इन्हें कभी नोबेल नहीं मिला।

रुडोल्फ स्टीफन जान विगल का जन्म 2 सितम्बर 1883 को प्रीरोव, मोराविया ( तत्कालीन ऑस्ट्रिया – हंगरी ) में एक ऑस्ट्रियाई परिवार में हुआ था, 1887 में एक दुर्घटना में इनके पिता की मृत्यु के बाद इनकी माता ने एक पोलिश व्यक्ति से शादी कर ली, पोलिश व्यक्ति से शादी के बाद परिवार पोलैंड चला गया।

लविवि विश्वविद्यालय से जीव विज्ञान में 1907 में स्नातक की डिग्री लेने के बाद शोध कार्य में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की, 1914 में प्रथम विश्वयुद्ध ऑस्ट्रिया – हंगेरियन आर्मी में मेडिकल यूनिट में इन्हे शामिल किया गया, विश्वयुद्ध के दौरान इन्होने टायफस के कारणों पर शोध किया।

विश्वयुद्ध की समाप्ति के बाद इन्हे जीव विज्ञान प्रोफेसर के तौर पर अपने शोधों को आगे बढ़ाने के लिए विश्वविद्यालय में कार्य करने का मौका मिला, जहां इन्होंने जूओं पर शोध कार्य किया और 1930 में सफल टीका विकसित करने में कामयाब रहे।

जब द्वितीय विश्वयुद्ध हुआ तो पोलैंड पर जर्मनी का कब्जा हो गया तो जर्मनों ने इन्हे टीके बनाने जारी रखने का आदेश दिया, और हजारों सैनिकों की जान बचाई गई, इस महान वैज्ञानिक का निधन 1957 में हो गया,

इनकी महान उपलब्धि को इस कारण नोबेल नहीं मिल सका क्योंकि पहले जर्मनों ने इनके पोलिश होने के कारण नामांकन को खारिज करवाया, फिर कम्युनिस्टों ने, क्योंकि इन्होंने तत्कालीन सोवियत संघ के साथ जर्मनी की हार के बाद काम करने में रुचि नहीं दिखाई थी।

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