खुद को बेहतर बनाने के तरीके। Self Improvement Tips in Hindi.

मैं हमेशा खुद को पहले से बेहतर बनाना चाहता हूं, हर इंसान आने वाले समय में खुद को पहले जहां था, उससे आगे अपने आपको खड़ा करना चाहता है।

हर व्यक्ति में असीम संभावनाएं होती हैं, जब वो असीम संभावनाएं कार्य रूप में परिवर्तित होकर दुनियां के सामने आती हैं, तो एक चमत्कार लगती हैं।

आपमें वो सबकुछ है जो आप अन्य सफल और महान लोगों में देखते हैं, आप भी सफलता की उन ऊंचाइयों तक अपने आपको ले जा सकते हैं।

सफल लोग ऐसा कुछ खास नहीं जानते जो आप ना जानते हों, आप भी अपने आपको बेहतर बना सकते हैं, यदि आप सच में ये मानते हैं की आपको बेहतर बनने की जरूरत है, तो आप इस लेख को पढ़कर अपने जीवन में एक नई शुरुआत कर सकते हैं।

आइए जानते हैं बेहतर बनने के टिप्स –

कुछ सार्थक पढ़ने की शुरुआत करें–

किताबें ज्ञान का स्त्रोत होती हैं, जो स्किल आप अपने अंदर विकसित करना चाहते हैं, उसके अनुसार आप किताब पढ़ सकते हैं, कुछ अच्छी किताबें में आपको पढ़ने के लिए कहना चाहता हूं जैसे, थिंक एंड ग्रो रिच, रिच डैड पूअर डैड, सेवन हैबिट्स ऑफ हाइली इफेक्टिव पीपल, हाउ टू विन फ्रेंड्स एंड इनफ्लुएंस पीपल, ये कुछ बेहतरीन बुक्स हैं जिनको पढ़कर आप एक बेहतर व्यक्ति बनने की शुरुआत कर सकते हैं।

महान लोगों ने अपने अनुभवों को किताबों में लिखकर हमे लाभ उठाने का अवसर दिया है, आज हम इंटरनेट पर खाली मनोरंजन करते रहते हैं, देखा जाए तो हर इंसान औसत 3 से 4 घंटे प्रत्येक दिन इंटरनेट पर मनोरंजन में बिताता है, जबकि हम इतने समय में बहुत कुछ सीख सकते हैं और अपने भविष्य को बेहतर बनाकर समाज को बहुत कुछ दे सकते हैं।

डर का सामना करने की शुरुआत करें–

डर इंसान की सबसे बड़ी कमजोरी है, और डर सामना करने से दूर भागता है, डर का मतलब बिजली के तार को छूने और छत से कूदने में डर लगना नहीं है, बिजली के तार को छूना तो मूर्खता और अपराध की श्रेणी में गिना जाएगा, डर से मतलब ऐसे डर से है जो हमे जीवन में कुछ बड़ा करने आगे बढ़ने से रोकता है, ऐसे डर को काबू करना जरूरी है।

आप कोई एग्जाम, इंटरव्यू इसलिए नहीं देना चाहते हैं की फैल हो गए तो क्या होगा, आप दस बार देकर देखें, आपको आपकी योग्यता पद के हिसाब से जरूरत से ज्यादा लगने लगेगी, और जिन लोगों को आप टैलेंटेड समझते थे, उनको आप बराबर मानने लगेंगे, डर का मुकाबला करने के लिए आपको उसके सामने तो जाना होगा, सामना नहीं करेंगे तो डर बढ़ता जायेगा, छोटे कदमों से शुरुआत कर सकते हैं, किसी काम को सीखने में डर लग रहा है, तो एकदम बेसिक लेवल से शुरू करें आप लक्ष्य तक आराम से पहुंच जायेंगे।

कम्फर्ट जोन को तोड़ने की शुरुआत करें–

कम्फर्ट जोन में रहना सबको अच्छा लगता है, क्योंकि इंसान हो या जानवर हमेशा से जो करते आ रहे होते हैं, उसके आदि हो जाते हैं, पशुओं को जिस रास्ते से खेत ले जाया जाता है उस रास्ते पर वो बिना ग्वाले के भी चले जाते हैं, वो ही बात इंसान में है जो काम सालों से कर रहा है वो ऑटोमैटिक कर लेता है, कम्फर्ट जोन में रहने के लिए इंसान खुद जिम्मेदार ना होकर उसका माइंड जिम्मेदार है, आप तो कम्फर्ट जोन से बाहर जाना चाहते हैं पर आपका माइंड उसका विरोध करेगा और आपको नए रास्ते के खतरे सामने दिखाएगा, हालांकि आप जो आज कर रहे हैं उसके भी खतरे माइंड ने आपके सामने रखे थे जब आप उस काम को सीख रहे थे, आज आप सीख चुके हैं तो माइंड ने आपके कम्फर्ट जोन को वहां तक बढ़ा दिया है, कम्फर्ट जोन को तोड़ने की शुरुआत भी नई चीजें सीखने की शुरुआत के साथ हो जायेगी, आप अपने माइंड को कितने ही फायदे नया कुछ करने के गिना दें, जब तक आप कम्फर्ट जोन से बाहर किसी चीज का अनुभव अपने माइंड को नहीं करने देंगे, तब तक आपके ऑल इज वेल वाले मैसेज किसी काम नहीं आयेंगे, अपने माइंड को पहले जो नया कर रहे हैं उसका अनुभव आपको देना पड़ेगा भले ही वो कितना भी थोड़ा हो।

जैसे आप गाड़ी चलाने का अनुभव थोड़ा सा भी अपने माइंड को दे देंगे, तो फिर आपका माइंड आपको गाड़ी सिखाकर ही छोड़ेगा, भले ही वो गाड़ी चलाने से पहले एक्सीडेंट के इमेजेज आपको दिखा रहा था, अब आपने उसको गाड़ी चलाने की पॉजिटिव साइड का अनुभव करा दिया है तो आपका माइंड एक्सीडेंट को देख ही नहीं रहा, जो करना चाहते हैं उसकी शुरुआत जरूरी है कम्फर्ट जोन को तोड़ने के लिए और हम शुरुआत ही नहीं करते, यही सबसे बड़ी गलती है।

बोरिंग चीजें करने की शुरुआत करें–

ज्ञान प्राप्त करना हमेशा से बोरिंग ही रहा है, कुछ भी सीखना हमेशा आनंददायक कभी भी नहीं था, आपने जो कुछ भी आज तक सीखा है वो सीखते समय आप हमेशा बोरियत का अनुभव जरूर करते थे, तुरंत मजे वाली चीजें हमारे दिमाग को इसकी लत लगा देती हैं, फिर क्या होता है हमारा दिमाग हमेशा तुरंत आनंद चाहता है, हमारा शरीर हमारे दिमाग के आदेशों का ही पालन करता है, हमे कुछ सीखते समय लगता है की शरीर में आलस आ रहा है जबकि वो आलस हमारा दिमाग हमे दे रहा है, ना की हमारा शरीर आलसी है।

डोपामिन के बारे में तो आप जानते ही होंगे ये वो कैमिकल जो हमारे शरीर को तुरंत मजे वाली चीजें करने को प्रेरित करता है, बोरिंग काम करने से हम कुछ बड़ा अचीव कर पाएंगे, हाई डोपामिन वाले काम के भरोसे हम खाली इंटरटेनमेंट के सिवा कुछ भी हासिल नहीं कर सकते हैं, आज हम स्मार्टफोन के बिना थोड़ी देर भी नहीं रह सकते क्योंकि हमारे माइंड को पता है, जब भी बोरियत होगी स्मार्टफोन तुरंत उसको मिटा देगा, बड़ा कुछ भी हासिल करने के लिए हमे बोरियत वाले काम करने की जरूरत है।

व्यायाम व मेडिटेशन करने की शुरुआत करें–

विचारों में खूबसूरती के साथ शारीरिक खूबसूरती एक संपूर्ण व्यक्तित्व का निर्माण करती है, ईश्वर ने हमें जितना सुंदर शरीर दिया है उसको सुंदर रखने की जिम्मेदारी हमारी है, व्यायाम हमारे शरीर को बेहतरीन शेप देने के साथ मजबूत बनाते है जो लगातार कार्य करने के लिए जरूरी है, दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए मेडिटेशन से बेहतर कुछ भी नहीं, आज के तनाव भरे दौर में दिमाग और शरीर दोनों का संतुलित और स्वस्थ होना बहुत जरूरी है, ताकि हम कार्य स्थल बेहतर कर सकें।

आबादी को देश के मानव संसाधन के रूप में माना जाता है, लेकिन किसी देश के लिए स्वस्थ जनसंख्या ही मानव संसाधन हो सकती है बीमार और अस्वस्थ लोग समस्या ही माने जा सकते हैं, संसाधन वो होता है जो किसी समाज और देश को तरक्की देने में सहायक हो सके, आपकी और देश की बेहतरी के लिए जरूरी है की हम शारीरिक व मानसिक रूप से मजबूत नागरिक बनें।

कुछ नया सीखने की शुरुआत करें–

अपने करियर में नई ऊंचाइयों को छूने के लिए आपको कुछ नया तो सीखना ही पड़ेगा, आप कोई विदेशी भाषा सीखना शुरू कर सकते हैं, किसी विषय में डिग्री और डिप्लोमा ले सकते हैं, विकसित देशों में कुछ नया सीखने के लिए लोग पचास या सतर साल की आयु में भी कॉलेजों और यूनिवर्सिटियों का रुख लोग कर लेते हैं, जबकि हमारे देश में ऐसा लोग कुछ नही करते और गली मोहल्लों में गप मारने, तास खेलने को ज्यादा अहमियत देते हैं, जरूरी नहीं आप कॉलेज जाकर ही कुछ सीखें, हमारे देश में बहुत सारे कोर्सेज विभिन्न ट्रेनिंग में भी सीख सकते हैं।

हमारे देश में और विदेश में आज नए नए स्किल्स वाले लोगों की जरूरत तेजी से बढ़ रही है, आपको नए क्षेत्रों में करियर बनाने के मौके मिलेंगे, देश के जिम्मेदार नागरिक वो होते हैं जो दुनियां के नए स्किल्स से अपने आपको अपडेट रखें।

आपकी आलोचना के कारणों को जानें–

कबीरदास जी ने एक दोहा कहा है ” निंदक नियरे राखिए ” कबीरदास जी आपके आलोचकों की तरफ ध्यान देने को कह रहे हैं, आप अपनी सोच के अनुसार अच्छा कर रहे हैं, अन्य लोगों की सोच में वो अच्छा नहीं है, तो वो लोग आपकी आलोचना करेंगे, आप एक टीम को लीड कर रहे हैं तो जरूरी है, की पूरी टीम एक साथ एकजुटता के साथ काम करे ताकि लक्ष्य पूरा हो सके, आपके टीम मेंबर आपके कार्य करने के तरीके की आलोचना करते है, तो आपको उन कारणों को दूर करना है जो टीम के सदस्यों को लक्ष्य प्राप्ति के बजाय आपकी आलोचना की तरफ ले जा रहे हैं।

हमारी गलतियों की तरफ वो ध्यान दिलाने की कोशिश कर रहे हैं, उन गलतियों को दूर करके आप तेजी से लक्ष्य प्राप्त करेंगे, आप एक अच्छे लीडर बनने की तरफ बढ़ेंगे, आलोचना करने वाले लोगों को अपने से दूर करने की सोच आपको अपने में सुधार का मौका नहीं देगी, आप अपनी कमियों को पहचान ही नहीं पाएंगे तो दूर कैसे करेंगे, ये पॉजिटिव साइन है की आपके टीम मेंबर आपकी आलोचना करके आप पर भरोसा जाता रहे हैं।

नकारात्मक लोगों से दूरी रखना शुरू करें–

आपकी ऊर्जा लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में खर्च होनी चाहिए, ना की लक्ष्य की प्राप्ति के मार्ग में आने वाली बाधाओं की चिंता करने और बार बार लक्ष्य बदलने में , आपके मित्र और आसपास के लोग सकारात्मक ऊर्जा वाले होंगे तो आप लक्ष्य की तरफ आसानी से बढ़ते रहेंगे, नकारात्मक लोग आपकी ऊर्जा को नष्ट कर देंगे बिना किसी लक्ष्य की प्राप्ति के, क्योंकि वो लोग आपको भी अपने जैसा ही बनाना चाहेंगे।

हमने बहुत सारे लक्ष्य बना रखें हैं जो इस जीवन में पूरे करने हैं तो हमे नकारात्मक लोगों से दूरी बनानी होगी, हालांकि हो सकता है आपके सारे लक्ष्य पूरे ना हो पाए, लेकिन नकारात्मक लोगों के साथ रहकर आप कोई भी लक्ष्य नहीं प्राप्त कर पाएंगे, सकारात्मकता के साथ आप अधिकांश लक्ष्य पूरे कर लेंगे।

समय का सदुपयोग करना सीखें–

समय हमेशा से कीमती रहा है, आज सोशल मीडिया हमारे समय को खाने वाला वो कीड़ा है जिसे दीमक कहते हैं, जो हमारे भविष्य के अरमानों की जड़ को ही खा रहा है, फेसबुक पर एक बैठे तो दो से चार घंटे का कभी भी पता नहीं चला, आप फेसबुक पर टाइमपास करके किसी और को अमीर बना रहे हैं अपने समय को खोकर, इसी समय को आप अपने आपको अमीर बनाने में उपयोग कर सकते हैं ये हम सब जानते हैं, अपने डेस्क पर ऐसे वाक्य लिखकर रखें जो आपको बार बार ये याद दिलाते हों की आपके समय की बर्बादी किसी और की अमीरी का कारण बन रही है, जबकि आपको बदले में गरीबी मिल रही है, हाथ में आप बैंड भी पहन सकते है जो आपको बार बार याद दिलाए की आप अपना नुकसान कर रहे हैं।

समय को खोना धन संपत्ति खोने से भी ज्यादा महत्वपूर्ण है यदि आप कुछ पाना चाहते हैं, विकसित देशों में समय पर सारे काम होते हैं, टालमटोल और देरी को हिकारत भरी नजरों से देखा जाता है।

टीवी देखना बंद कर दें–

टीवी देखने में समय की बर्बादी की जगह आप शाम को एक से दो घंटे का समय जिम में बीता सकते हैं, जिम में बिताया गया समय आपको रात में अच्छी नींद और सुबह एक दम ताजा रखेगा, आप कार्यस्थल पर बेहतरीन परफॉर्म करेंगे, कार्यस्थल पर अच्छी परफॉर्मेंस आपको प्रमोशन दिलाने में सहायक होगी, मैने खुद पांच साल पहले टीवी देखना बंद कर दिया था और जिम शुरू कर दिया था, आज में अपने आप को जितना ऊर्जावान महसूस करता हूं, उतना जिम ज्वाइन करने से पहले नहीं करता था कम उम्र के बावजूद, जिम के अलावा किसी और गतिविधि में भी आप समय का उपयोग कर सकते हैं, आप कोई पैशन रखते हैं तो उसको भी पूरा कर सकते हैं, जिससे आपका माइंड ऐसे वाले फालतू विचारों को अपने में स्टोर करने से भी बच जायेगा।

टीवी पर चलने वाले अंतहीन बहस और न्यूज ही लोग ज्यादातर देखते हैं, जो बहस टीवी पर होती है उसका आपकी जिंदगी से सीधा कोई लेना देना नहीं होता।

अपने अतीत को पीछे छोड़ने की शुरुआत करें –

बहुत सारी गलतियां और ना समझी जो हम सालों पहले कर चुके हैं आज भी अपने दिमाग में उनका बोझ लेकर चल रहे हैं, इंसान गलतियों का पुतला है ये बात सच है, ये अतीत की बातें हमारे आज को भी खत्म कर रही हैं और आने वाले कल को भी, तो हमे ऐसे विचारों से पीछा छुड़ाने की जरूरत है, इसके लिए हमे कुछ नए विचार हमारे दिमाग में भरने की शुरुआत करनी होगी, जो इन पुरानी बातों को और नीचे गाड़ देंगे ताकि ये विचार कभी उपर ही ना आ सके, अपने दिमाग को हमे नए विचार लेने के लिए खोलने की जरूरत है, कोई गलती हुई तो उसकी जिम्मेदारी लेकर कारण जानकर उसको छोड़ा जा सकता है, किसी से कोई तकरार हुई तो उसके लिए उस सामने वाले को माफ किया जा सकता है, यदि तकरार के लिए हम जिम्मेदार थे तो उसे ना समझी के तौर पर लेकर अपने आपको माफ किया जा सकता है।

नए विचार हमे नया नजरिया देंगे जो हमारे भविष्य को नए तरीके से निखार देगा, नए संबंध बनेंगे और हमे बेहतर महसूस करने में मदद मिलेगी, पुराने को जितना जल्दी हम छोड़ेंगे उतना हमे जल्दी उसका फायदा दिखेगा, वैसे भी आप पुराने को छोड़े बिना कुछ नया नहीं कर पाएंगे, नया पाना है तो पुराने को तोड़ना जरूरी है।

निष्कर्ष – अपने जीवन को बदलना आसान नहीं है लेकिन एक शुरुआत जरूरी है अपने आपको बेहतर बनाने के लिए, जब आप शुरुआत कर देंगे तो आपको कुछ ही समय के बाद जीवन बदलता हुआ दिखने लगेगा, ये छोटे छोटे बदलाव आपके व्यक्तित्व को सम्पूर्ण बनाएंगे, शुरुआत बड़ी कभी नहीं होती छोटी छोटी कई बातें ही आपके जीवन को पूरी तरह से बदलती हैं।

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