इन 6 कारणों से शेयर बाजार में डूबता है आपका पैसा। Six Reasons for loss money in share market in hindi.

शेयर बाजार में निवेश करके तेजी से पैसा कमाया जा सकता है, परंतु बहुत सारे नए लोग बाजार में पैसा डूबा बैठते है, और यही एक कारण की शेयर बाजार को जुआ या सट्टा समझा जाता है, ना की एक व्यापार।

दुनियां के सबसे धनी लोगों में शुमार वॉरेन बफेट के अलावा राकेश झुनझुनवाला का नाम भी आपने सुना होगा, ये लोग शेयर मार्केट के पोस्टर ब्वॉय माने जा सकते हैं।

सफल निवेशकों में शुमार ये दोनो व्यक्ति शेयर बाजार को एक जुए की तरह, ना देखकर अपनी सफल निवेश रणनीतियों को पैसा कमाने का एक बड़ा कारण मानते है।

शेयर बाजार में ज्यादातर लोग अपने पैसे का नुकसान होने के बाद बाजार से निकलने में ही अपनी भलाई समझते है, आपने भी शेयर बाजार में पैसा डुबोया है, तो इस लेख के जरिए आप जान जायेंगे की आपने कुछ तो गलतियां की होंगी, जिनसे सफल निवेशक बच निकलते हैं और अमीर बनते है।

आइए जानते हैं शेयर बाजार में पैसा डूबने के कारण।

निवेश की बजाय ट्रेडिंग करना – नए निवेशक ट्रेडिंग से तुरंत कमाना चाहते ना की निवेश से पंद्रह साल बाद, बाजार आंकड़ों से ज्यादा अफवाहों पर चलता है और यही सबसे बड़ा कारण आपके पैसे को खोने का।

ट्रेडिंग में आप आज शेयर को खरीदते है और कुछ मिनिट, घंटे या दिनों के अंदर बेच देते हैं, जबकि निवेश लंबे समय के लिए किया जाता है, आज आप वॉरेन बफेट को देखते है वो एक निवेशक है ना की इंट्राडे ट्रेडर।

यदि आप निवेश करेंगे तो आपको हर रोज होने वाले उतार चढ़ाव से कोई फर्क नहीं पड़ेगा, वहीं ट्रेडिंग में कुछ मिनटों में किसी भी शेयर का भाव थोड़ा भी गिरता है तो आपको लगेगा क्या पता कितना नीचे जायेगा अभी बेच देता हूं, इस समय आप शेयर बेचकर नुकसान करेंगे।

Fact : 95% लोग ट्रेडिंग में एक दिन कमाते हैं, तो दूसरे दिन कई गुना पैसा लगाते और बहुत सारे लोग इसी फंडे को लगाकर कंगाल हो जाते हैं

तेजी से चढ़ते स्टॉक में पैसा लगाना– कुछ दिन पहले ही एक बड़ी कंपनी का शेयर तेजी से चढ़ा और फिर तेजी से गिरा जिसमे बहुत सारे निवेशकों का पैसा डूबा, मेरे दोस्त जो इसी कंपनी के निवेशक बने और पैसा खो बैठे, किसी स्टॉक ब्रोकर ने उनको इसमें पैसा लगाने का सुझाव दिया था।

जब बाजार बहुत तेजी से उछाल मार रहा हो तो निवेशक हमेशा अलर्ट हो जाते है, जब बाजार गिरता है तो निवेशक खरीदते है, जबकि ट्रेडर इसका उल्टा करते है वो चढ़ते में लगाते है गिरते में निकालते हैं।

Fact 99% निवेशक जब भी बाजार गिरा तो अगले पांच से दस साल बाद बड़ा मुनाफा यानी एक लाख को तीस लाख में कन्वर्ट कर दिया जबकि 99% ट्रेडर बर्बाद हो गए।

फेक न्यूज और टीवी वाले एक्सपर्ट की राय मानना – भिखारी से कोई भी करोड़पति बनने के टिप्स नही लेता, तो फिर हम क्यों उन टीवी वाले एक्सपर्ट की राय पर शेयर खरीदने और बेचने लग जाते है, वो लोग ज्यादातर खाली बातों वाले हैं।

उन टीवी वालों को सब कुछ पता होता तो उधार पैसे लेकर खुद ही लगा लेते और कमा लेते, वो दस शेयर बताएंगे की खरीद लो मैने ज्यादा लोगों को ऐसे एक्सपर्ट की राय पर पैसे खोते देखा है।

न्यूज रिपोर्ट अनुमान ज्यादा होती हैं निवेशक सिर्फ मजबूत कारणों पर भरोसा करते हैं, और पैसा लगाते हैं, जबकि ट्रेडर न्यूज पर भरोसा करते हैं जो की टीआरपी के लिए ज्यादा होती है।

रिसर्च नहीं करना – लर्न एंड अर्न का नियम जहां भी आप कुछ हासिल करना चाहते हैं वहां सब जगह लागू होता है, चाहे वो शेयर बाजार ही क्यों ना हो।

शेयर बाजार में आप शुरुआती निवेशक हैं, तो आपके पास ना तो बाजार का ज्ञान है और ना ही बाजार का ज्ञान लेना इतना आसान है।

आपको चाहिए की कंपनीज के डाटा को एनालाइज करें, और उसके बाद तय करें की कंपनी भविष्य में कौनसी कंपनी बढ़ेगी और किसका मार्केट सिमटेगा, आप जब तक सीखेंगे नहीं तब तक कमाने के बारे में ना सोचें।

कोई सेक्टर मंदी में है तो इसके खास कारण है, और यदि किसी सेक्टर में मंदी नहीं है जबकि उस सेक्टर की कोई कंपनी का बाजार सिमट रहा है तो इसका कारण उस कंपनी का मैनेजमेंट है अब आपको उस कंपनी से निकलने के बारे में सोचना होगा।

जब कोई पूरा सेक्टर मंदी का सामना कर रहा है तो आपको धैर्य रखना चाहिए।

इनसाइडर का जाल – एक बार इनसाइडर के जाल में फसने के बाद आप हमेशा उस कहावत को गाठ बांध लेते है, की दूध का जला छाछ को फूंक फूंक कर पीता है, इनसाइडर की न्यूज इसलिए फैलाई जाती है की कंपनी के आंकड़े सामने आए उससे पहले कम्पनी के कर्मचारी कमा लेते हैं, और निवेशक हाथ मलते रह जाते हैं।

वैसे इस तरह का काम गैर कानूनी है, और ऐसे लोगों पर कानूनी कार्रवाई भी होती है, पर शेयर बाजार को जुआ समझने वाले लोग इनसाइडर के जाल में फंसते ही फंसते हैं।

इनसाइडर न्यूज कंपनी के कर्मचारी, ब्रोकर दोनों के लिए फायदेमंद होती है, जबकि निवेशक हमेशा पैसा डूबा बैठते हैं।

रिश्तेदारों और पड़ोसी के कहने पर निवेश करना – भारत में रिश्तेदार या पड़ोसी ही सबसे ज्यादा अफवाह फैलाते है और जब बात शेयर बाजार की हो तो ज्यादातर नए लोग इन्ही लोगों के कहने पर निवेश की शुरुआत करते हैं

मैने ऐसे लोगों को हमेशा टूटी हुई चपलों और फटे पजामों में चाय की थड़ी पर अखबार का बाजार की न्यूज वाला पेज खोलकर ज्ञान बांटते देखा है।

ऐसे रिश्तेदारों का खुद का पैसा पहले से डूबा हुआ होता है और आपका पैसा भी डूबा देते हैं, शेयर बाजार में पहले अपना ज्ञान बढ़ाए फिर निवेश करें ऐसे लोग यदि अमीर बने होते तो आपको सलाह देने के लिए इनके पास समय ही नहीं होता।

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