सही निर्णय कैसे लें How to take right decision in Hindi

How to take right decision in hindi

हमारा Mind हमारे साथ past में हुए अच्छे और बुरे Experiences को याद रखता है और उन experiences के base पर हमारे आज के decision लेता है, और हमे उस decision के losses and profits को बताता है,जबकि right decisions के लिए हमारे mind की feelings को साइड में रखकर हमारी intelligence पर भरोसा करना चाहिए, intelligence हमारे brain में होती है जबकि feelings, experiences और beliefs को mind अपने पास रखता है यही mind और brain में difference है। जबकि हम beliefs और past experiences को brain से related मान लेते हैं और उसी के आधार पर decisions ले लेते हैं जबकि decisions सही होगा या फिर गलत ये intelligence पर depend करता है ।

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Most of the time हम decisions को लेते समय अपने mind का use करते हैं ना कि brain का यानी हमारी बुद्धि और intelligence का और यही कारण है कि हमारे decisions हमे तब तो सही लग रहे थे पर अब सब wrong लग रहा है लग क्या रहा है मतलब गलत ही है, कुछ examples हैं जैसे मेरे एक uncle को लग रहा था कि love marriages टिकती नहीं हैं और उन्होंने अपनी बेटी की शादी अपने किसी जानकार के बेटे के साथ कर दी और लड़की को दो साल बाद लड़के ने छोड़ दिया लास्ट में आठ साल बाद उनको devorce लेना पड़ा और अब उस लड़की की शादी किसी और के साथ करनी पड़ी जबकि जिस लड़के को वो लड़की प्यार करती थी उसने किसी और लड़की से love marriage की और आज दस साल से लाइफ खुसी से चल रही है ।

Second example भी हमारे एक दुसरे uncle के बेटों के बारे में हैं उनको लगता था कि उनके बेटे अपने पड़ोसी के बेटों की तरह technical field में career बनाये (जो उन लड़कों ने अपने interest के base पर चुना था ) और उन्होंने अपने बेटों को technical courses में डिप्लोमा और डिग्री करवा दी, (जबकि इनके लड़कों की रुचि आर्ट्स में थी ) और कुछ समय के लिए उनको technical field में जॉब्स करने को मजबूर किया पर अभी वो अपने आपको कभी किसी field में और कभी किसी field में try कर रहे हैं अभी 40 साल की उम्र में अपने रुचि वाले career में उनको अपने आपको स्थापित करना मुश्किल है क्योंकि अभी उनकी जिम्मेदारियां बढ़ चुकी हैं । जबकि दूसरे uncle जिन्होंने अपने बच्चों को technical field में पहले भेजा था वो अभी career में नई heights को छू रहे हैं ।

इन दोनों wrong decisions में सबसे important बात ये है कि ये दोनों decisions आपकी life के सबसे बड़े और important decisions थे जिनको आप बदलें तो आपको वापिस बहुत पीछे आकर खड़ा होना पड़ेगा । एक में आपकी शादी को आठ साल हो गए दूसरे में आपके career के important पांच साल निकल गए ।

इन दोनों decisions जब तक आप अपने कदम पीछे खींचो तब तक आप के उपर कई तरह के social ठप्पे जिन्हें हम अक्सर उस इंसान की कमियां ही कहते हैं लोग लगा देते हैं पर ये जरूरी नहीं कि आप अब भी कुछ नहीं कर सकते आप अब भी बहुत कुछ कर सकते हैं बहुत सारे लोग पांच साल दस साल खराब होने के बाद अपने रुची वाले fields में नाम कमा रहे हैं और बहुत सारी लड़कियां अपने सच्चे प्यार को प्राप्त कर रही हैं पहली unsuccessful शादी के बाद ।

आप जब चाहो अपनी जिंदगी अपनी शर्तों पर जी सकते हैं बस आपमें चाहत अभी बाकी हो मेरे दोस्त ।

अभी हम जानते हैं कि सही निर्णय कैसे लें जिससे हमें future में पछतावा ना हो और हम अपनी successful life पर proud feel कर सकें ।

How to take right decision in Hindi

  • हमेशा दिल की सुनें

जब भी कहा जाता है कि दिल की सुनें तो हम जो हमारे मन मे emotions और beliefs और पुराने experiences के base पर आती मन की आवाज को दिल की आवाज समझ लेते हैं, ध्यान रहे दिल हमेशा हमारे लिए सही decision को choose करता है जबकि मन हमेशा सुविधाजनक decision लेता है, दिल की आवाज से मतलब है हमे अपनी अंतरात्मा से बार बार पूछना है कि क्या यह सही है जो में करने जा रहा हूं मुझे future में guilt तो feel नहीं होगा कि मैंने उस समय ये निर्णय क्यों ले लिया, इसमें आपकी intelligence काम करती है और आपकी emotions को आपका brain नियंत्रित कर लेता है, यदि इंसान अपनी अंतरात्मा से decision ले तो वो कभी किसी भी प्रकार का crime नहीं कर सकता।

  • Mind को शांत रखें

अशांत मन हमेशा reality से दूर होता है,Decision लेते समय आपका मन एकदम शांत हो किसी प्रकार की घबराहट और उथल पुथल से दूर हों जो हमारे mind में कई बार चलती रहती है, घबराहट और बैचैनी हमारे emotions हैं जो हमारे ऊपर बहुत बार हावी रहते हैं, माइंड को शांत करने के लिए कुछ मिनट के लिए deep breathing कर सकते हैं, बहुत सारे लोग ये करते हैं आपको तुरंत relief महसूस होगा, आप किसी भी प्रकार की physical excercise, मैडिटेशन कर सकते है

Important decision तुरंत ना लें

हमे पहनने के लिए कपड़े खरीदने हों तो हम पूरे दिन बाजार में घूमने या फिर कई दिन तक भी बाजार में घूमने बाद भी ये तय नहीं कर पाते कि कोनसा और क्या खरीदना है जबकि ये आपकी life में बिल्कुल भी important नहीं है यदि खराब भी खरीद लिया तो कोनसा आपकी जिंदगी का direction change हो जाएगा पर हम इसपर पूरा ध्यान देते हैं, जबकि life के important decision कोई और ही लेता है और हम objection भी नहीं करते जैसा मैंने ऊपर दो examples देकर आपको बताया है, लाइफ के important decision के लिए आपको कुछ month या कुछ दिन तक सोच विचार करना चाहिए,हम कहीं भी देखें जैसे एक company आपक hire करने के लिए पहले आपके biodata को check करती है फिर interview उसके बाद भी आपको कई दिन के बाद बताया जाता है । important decision वो हैं जो आपको लाइफ में बार बार नहीं लेने हैं, रोजमर्रा के decision आपका मन अपने आप ले लेता है।

  • पुराने गलत decisions के बारे में ना सोचें

Negativity ज्यादा हावी रहती है positivity के बजाय, जबकि हमारी life में 99.99% positive चीजें हुई हैं, उसी तरह हमने हजारों decision सही लिए हैं पर एक भी गलत लिया है वो हमें याद है और जब तब बुरा feel करवाता रहता है, जो decision आप आज लेने जा रहे हैं उसमें आपकी decision making power और life experience पहले से ज्यादा है, पहले के बजाय अब आपकी गलतियां कम से कम हैं आप दिन प्रतिदिन mature हो रहे हैं अभी आपके decision की success के chance बढ़ चुके हैं।

सलाहकार बनकर सोचें

कोई दोस्त किसी मुश्किल में हमसे सलाह माँगने आता है तो हम हमेशा सही सलाह देते हैं, और जब हम उसी condition में होते हैं तो हम अपनी दी गई सलाह का उलटा कर रहे होतें हैं अपने आपको एक सलाहकार की जगह रखकर decision लेना और उसी के अनुसार कार्य करना मुश्किल जरूर है पर सफलता की गारन्टी भी है। सलाह देते समय ध्यान रखे कि कोई सलाह मांग रहा हो तो ही दें अन्यथा दोस्ती से हाथ धो बैठेंगे ।

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