10 चीजें जो आपको सफल नहीं होने देती।

आप किसी से भी पूछे की वो सफल होना चाहते हैं, हर कोई कहेगा हां वो सफल होना चाहते हैं, सफल सभी होना चाहते हैं, असफलता किसी को भी पसंद नहीं है, लक्ष्य अलग अलग होते हैं पर सफलता की चाहत सबमें बराबर होती है, क्या सभी सफल हो पाते हैं हम सब जानते हैं की सफलता तक पहुंचने वाले बहुत कम यानी लाखों में से एक या दो जो सही मायने में सफल होते हैं, बाकी बचे लोग असफल या ना कामयाब रहते हैं जिंदगीभर, ऐसा क्या है की कुछ लोग सफल होते हैं बाकी असफल, आज हम उन चीजों को समझेंगे को कामयाबी की राह में सबसे बड़ी बाधाएं हैं

ये चीजें आपको सफल होने से रोकती हैं

आप जिम्मेदारी लेने से बचते हैं –

खुद की जिम्मेदारी खुद उठाने में मेहनत लगती है, हम मेहनत से दूर लापरवाही वाला जीवन जीना पसंद करते हैं, इसलिए हमारी जिंदगी दूसरों के निर्णयों पर निर्भर हो जाती है और हम कुछ नहीं करते, जब हम कुछ नहीं करते तो हमारी जिंदगी में जो कुछ भी बुरा होगा उसके लिए जिम्मेदार कोई और होगा, अब जब जिंदगी में हम कुछ नही कर रहे हैं तो हम असफल ही रहेंगे।

सफल लोग अपनी जिंदगी की छोटी से बड़ी जिम्मेदारी लेते हैं, दूसरे आपकी जिंदगी के फैसले करते हैं क्योंकि आप जिम्मेदार नहीं है, सफलता के लिए खुद फैसले लेने होते हैं और उन फैसलों को खुद की मेहनत से सही साबित करना होता है।

आत्मविश्वास का अभाव –

आप सोचते हैं और मानते हैं की आप ये नहीं कर सकते वो नहीं कर सकते, ये सब बातें बताती हैं की आपमें आत्मविश्वास का अभाव है, किसी कार्य में आप कितने भी निपुण क्यों ना हो जब तक आत्मविश्वास नहीं होगा आप कुछ नहीं कर पाएंगे, आपने जिंदगी में बहुत सारे अनुभव लिए हैं जो अन्य लोगों ने भी लिए हैं पर आपको लगता है की आप उन अनुभवों के आधार पर कुछ कर नहीं पा रहे हैं, खुद पर विश्वास नहीं हो रहा है की मैं ये हासिल कर सकता हूं।

आपको खुद पर विश्वास करना होगा अपने आपको ये बताना होगा कि दूसरा और मैं एक ही हैं, जो वो कर सकता है मैं भी कर सकता हूं क्योंकि दोनों में बराबर योग्यता है।

बहाने बनाने की आदत ( एक्सक्यूज देना )–

बहाने बनाना कुछ ना कर पाने का सबसे बड़ा कारण हैं, ये अपने आपसे झूठ बोलने का सबसे बेकार तरीका है, सबसे बड़े बहाने मेरे बिजनेस करने के पैसे नहीं है यदि आप बिजनेस करना चाहते हैं उतने पैसे में शुरू हो सकता है जितने पैसे का स्मार्टफोन आपके हाथ में है, हम सोचते हैं की बड़ी दुकान कैसे करें, भाई छोटी को चलाना आसान है क्योंकि खर्चा कम है बड़ी का ज्यादा खर्चा है,आपका ध्यान कमाने पर होगा तो छोटे से ही शुरुआत करने की सोचेंगे, यदि ध्यान मेहनत पर नहीं होगा तो दुकान बड़ी पहले याद आयेगी और मेहनत से पीछा छुड़ाएंगे।

मेरे पिताजी के पास पढ़ाने के पैसे नहीं है इसलिए मैं पढ़ नहीं सकता, जिनको पढ़ना होता है वो आठ घंटे किराए का ऑटो चलाकर ही पढ़ लेते हैं, जो कुछ करना चाहते हैं उनके पास साधन अपने आप आ जाते हैं, आपके पास जो भी साधन है उसका उपयोग करें बाकी समय के साथ दूसरी चीजें अपने आप आपके पास आ जाएंगी।

आप गलती करने से डरते हैं –

कहा जाता है गलतियों से सीखना चाहिए, गलतियों से सीखने के लिए पहले आपको गलतियां करनी पड़ेंगी, जिस काम को आप सालों से कर रहे हो उसमे आप गलती नहीं करोगे, सफलता के लिए जरूरी है लगातार जो आप कर रहे हैं उसमे कुछ नया करना एक्स्ट्रा उसमे आपको कुछ जोड़ना होगा, जब आप नया करेंगे आगे बढ़ेंगे तो आपसे गलतियां होंगी तब कुछ नया सीखा जा सकता है।

आपको लगता है की गलतियां करने के बाद आपको नुकसान होगा, याद रखें आपने अब तक जो हासिल किया है उसमे भी बहुत सारी गलतियां आप करके यहां तक आए हैं, जब आप गलती करेंगे तो बाद में आप उस गलती को सही करेंगे तो बहुत कुछ हासिल भी करेंगे।

संकल्प की कमी –

संकल्प का मतलब है पीछे लोटने के सारे रास्ते खत्म करो, हम कहीं सफल होने के लिए कुछ करते हैं तो साथ में एक विकल्प भी रखते हैं ताकि असफल होने पर वर्तमान कार्य को छोड़कर विकल्प की तरफ वापिस चले जाएं, यही हमारी सबसे बड़ी गलती है जिससे हमारा संकल्प कमजोर हो जाता है, सफलता के लिए जरूरी है की हमारे माइंड को भी ये निर्देश दिया जाए की जो कार्य सामने है उसके अलावा पीछे लोटने का कोई विकल्प नहीं है तो माइंड बॉडी को निर्देश देता है की यही करना है।

आपका संकल्प मजबूत होगा तो आधा लक्ष्य आप पहले ही तय कर लेंगे, संकल्प के आगे साधनों की कमी आपको महसूस ही नहीं होगी, जब हमारे पास कोई दूसरा रास्ता ही नहीं होगा तो हम पूरी जी जान किसी एक चीज पर लगाते हैं।

महत्त्वपूर्ण कार्यों को पूरा नहीं करते–

कार्य की शुरुआत करना जरूरी है पर पूरा करना महत्त्वपूर्ण है, कार्यों को अधूरा छोड़ा है तो परिणाम आपको नहीं मिलेगा, आप लक्ष्यों को प्राप्त तब कर पाएंगे जब लगातार आप उस पर अपना फोकस बनाए रखेंगे, कार्य की शुरुआत में हमारा मन होता है बाद में हम बीच में सोच लेते हैं यार काम करने का मन नहीं है, सफलता आपके मन से नहीं आपके काम से जुड़ी होती हैं।

आप कोई भी काम शुरू करेंगे तो आपको कुछ ना कुछ भुगतान चाहे समय हो या पैसा उसमे निवेश करना पड़ेगा, जब उसको पूरा नहीं करेंगे तो आपको समय और पैसे दोनों का नुकसान उठाना पड़ेगा, जो आपको भविष्य में आपकी योजनाओं के लिए भी नुकसानदायक होगा।

अनुभव की कमी –

आप कहेंगे अनुभव तो काम करने से ही आएगा, पहले अनुभव कहां से लाएं, यदि आप बिजनेस करते हैं तो आपको अनुभव पहले हासिल करना जरूरी है, आप बिजनेस पहले शुरू करके बाद में अनुभव हासिल करेंगे तो अनुभव के लिए आपको पैसे का भुगतान करना पड़ेगा, यदि आप कहीं नोकरी करके अनुभव हासिल करेंगे तो आपको अनुभव और गलतियों के लिए सामने से भुगतान किया जाएगा।

बहुत सारे लोग बिजनेस में लगभग 99% इसलिए फेल हो गए क्योंकि उन्होंने बिजनेस करके अनुभव हासिल करने की गलती की जिसमे उनका पैसा चला गया और गलतियां इतनी बड़ी थी की वो कुछ सीख पाते उससे पहले ही वित्तीय संकट में फंस गए, उनके बिजनेस फेल हो गए और जिंदगी में बिजनेस की तरफ देखा तक नहीं, आप किसी भी सफल बिजनेसमैन के बारे में पढ़ेंगे तो जानेंगे की या तो उन्होंने पहले नोकरी या इंटर्नशिप से अनुभव हासिल किया या फिर उनके मेंटर बड़े अनुभवी बिजनेसमैन रहे जिन्होंने उनको बारीकी से सिखाया।

किसी के भरोसे कुछ करना –

बहुत सारे लोग जो आपके सगे संबंधी होते हैं उनके आश्वासन पर हम कुछ शुरुआत कर देते हैं, बाद में वो लोग बीच में हमारा साथ कुछ कारणों से छोड़ देते हैं, कई लोग आपको फाइनेंशियली या फिर प्रोफेशनली हेल्प की बात कहेंगे पर जब कुछ आप अपना पैसा निवेश करके शुरू कर देंगेे, तो वो लोग अपना हाथ पीछे खींच लेते हैं, अब जब वो आपकी हेल्प करेंगे तो जरूरी नहीं की वो आपका साथ आगे दें, हेल्प करने वाला जब चाहे अपना सपोर्ट वापिस खींच सकता है आप उसमे कुछ नहीं कर सकते, क्योंकिवो ऐसा करने के लिए बाध्य नहीं है।

अपने दम पर कुछ करना आपको आपके लक्ष्य और निवेश दोनों में स्वतंत्र बनाता है, आप जो चाहे छोटा या बड़ा लक्ष्य रख सकते हैं, आप आत्मनिर्भर हैं, दूसरे आपको सपोर्ट देते हैं तो मना ना करें बस ध्यान रखें उनके सपोर्ट पर आपको निर्भर नहीं होना है।

जोखिम ना लेना –

जोखिम लेने से नुकसान हो सकता है, इसलिए आप जोखिम नहीं लेते, जबकि आज आप जहां बैठे हैं वहां जोखिम ज्यादा है पर आपको वो दिखेगा नहीं क्योंकि आपकी नजर वहां तक जा ही नहीं रही, पहाड़ पर चढ़ने में जोखिम ज्यादा है जमीन पर बैठे रहने से क्योंकि अभी बारिश शुरू नहीं हुई है, जब बारिश शुरू होगी तो आप डूबेंगे क्योंकि पहाड़ पर चढ़ना आपने शुरू ही नहीं किया है।

आपको जोखिम तो लेना ही पड़ेगा इसके लिए आपको साहस चाहिए, छोटे कदमों से शुरू करेंगे तो आपको जोखिम कभी जोखिम नहीं लगेगा, जोखिम लें आपके सपनों को साकार करें, जोखिम आपको आनंदमय लगेगा।

बड़े स्तर से शुरुआत करना –

किसी भी काम को छोटे स्तर से शुरू करेंगे तो बड़े लक्ष्य की तरफ आसानी से जा सकते हैं, यदि सीधा ही चोटी पर खड़ा होना चाहेंगे तो वहां पर खड़े होना और फिर टिके रहना दोनों ही आपके लिए मुश्किल होगा, हमे मौके को भुनाना चाहिए छोटे या बड़े को ना देखे।

किसी छः माह से बच्चे को मां बाप खड़ा भी कर दें, फिर भी वह खड़ा नहीं रह पाएगा और वो तय है की गिरेगा, इसलिए पहले पैरों की मजबूती जरूरी हैं जो पहले घुटनों में आयेगी, घुटनों से फिर पर मजबूती हासिल करेंगे तो आप खड़े होकर दौड़ लगा सकेंगे।

जीवन में शिकायतें आपको कमजोर करने के सिवा कुछ नहीं करती, इसलिए शिकायतें दूसरे लोगों को आपसे रहें ना की आप दूसरों को शिकायतों का थैला भरकर देते रहें की जी आपने मेरे लिए कुछ नहीं किया इसलिए मैं कुछ नहीं कर पाया, आगे देखें जिंदगी की मुश्किलों को देखेंगे तो आज रात भी नींद नहीं आएगी और कल का दिन भी असफलता की दिशा में एक कदम और साबित होगा।

( by. M. Lal )

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